
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को जिलाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के तहत पीएम पोषण एवं समग्र शिक्षा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने पीएम पोषण और समग्र शिक्षा की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दृष्टि से आधारभूत संरचना, एडमिशन और गुणवत्ता का मूल्यांकन पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लर्निंग आउटकम में सुधार लाए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनिंग की दिशा में भी कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने पीएम पोषण के तहत बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील का सोशल ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी दिन किसी स्कूल में खाना नहीं बना, तो खाना ना बनने के स्पेसिफिक कारणों को राज्य स्तर पर विद्या समीक्षा केंद्रों के माध्यम से एमडीएम सेल इसकी प्रतिदिन निगरानी करते हुए राज्य परियोजना निदेशक और सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारी एवं सीडीओ को तत्काल अवगत करायें ताकि सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से हेल्थ चेकअप रोस्टर का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालयों की व्यवस्था एवं उनकी सफाई की व्यवस्था के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यालयों के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि ऐसे विद्यालयों की कारणों सहित लिस्ट तैयार कर उनका निस्तारण किया जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव ऊर्जा को ऐसे विद्यालयों को सरकारी भवनों में सॉलराइजेशन स्कीम के माध्यम से इलेक्ट्रिसिटी उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री चंद्रेश कुमार यादव एवं युगल किशोर पंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
*सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग*










