
कुमाऊं में बिजली के 6.55 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। यह काम जून तक पूरा होना था, लेकिन विरोध के कारण अवरोध बना रहा। ऐसे में अभी तक 3.62 लाख मीटर ही बदल पाए हैं, जो 55 प्रतिशत है।
इस बीच सख्ती होने से काम में थोड़ा तेजी आई है, लेकिन ऊर्जा निगम ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नई व्यवस्था की है। अब घरों में पुराना मीटर हटाए बगैर स्मार्ट मीटर भी लगाया जाएगा। रीडिंग को लेकर संतुष्ट होने के बाद ही निगम प्रबंधन पुराने मीटर को हटाएगा।
ऊर्जा निगम ने यह व्यवस्था उपभोक्ताओं में बने हुए भ्रम को दूर करने के लिए बनाई है। ऐसे में नए मीटरों को लेकर आशंका जताने वाले लोगों के घरों पर दो मीटर लगे रहेंगे। 25 से 30 दिन यानी करीब एक माह तक दोनों मीटर संचालित होंगे। ऐसे में स्मार्ट मीटर से बिल जनरेट होने के बाद आए बिल और पुराने मीटर की रीडिंग से उपभोक्ता मिलान कर पाएंगे।
दो मीटरों की रीडिंग से संतुष्टि होने की बात कहे जाने पर निगम पुराने मीटर को हटाएगा। इसके साथ ही लोगों को स्मार्ट मीटर के लाभ भी बताए जा रहे हैं। इस पहल से नए मीटर लगाने में तेजी आने की बात कही जा रही है।
इधर, केंद्र सरकार ने भी स्मार्ट मीटर को लेकर अनिवार्यता की है। ऐसे में विरोध करने पर कनेक्शन काटे जाने को लेकर नोटिस देने के साथ ही कार्रवाई भी की जा रही है।
स्मार्ट मीटर को लेकर जन सहयोग की अपील की जा रही है। साथ ही उपभोक्ताओं की संतुष्टि के लिए पुराना मीटर हटाए बगैर स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। ताकि लोग दोनों मीटरों की रीडिंग का आंकलन कर सकें। जिससे किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे।
– रवि कुमार राजौरा, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम
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