
उत्तराखंड लोक भवन में सुबह 11 बजे नव नियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
वह शपथ ग्रहण के लिए रविवार शाम को ही देहरादून पहुंच गए थे। बता दें कि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें 12 अक्टूबर को छह राज्यों सहित उत्तराखंड में भी नए राज्यपाल के रूप में मध्य प्रदेश के निवासी डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति की थी।
सोमवार को सुबह लोक भवन में शपथ ग्रहण से पहले मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने नए राज्यपाल की नियुक्ति का राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति पत्र पढ़कर सुनाया गया। उसके बाद डा. ढाल सिंह बिसेन ने शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ और समापन राष्ट्रयगीत वंदे मातरम् व राष्ट्रगान के साथ हुआ।
शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा दिए गए सम्मान गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। मीडिया से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरती और यहाँ की जनता को हृदय से नमन करता हूँ। मुझे देवभूमि की सेवा करने का अवसर प्रदान करने के लिए मैं देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति का केंद्र है। यह बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री जैसे पावन चार धामों की भूमि है। यहाँ आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे अलौकिक एवं पवित्र स्थल भी विद्यमान हैं। यह भूमि अपने अद्वितीय पर्यटन स्थलों के लिए विश्वविख्यात है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि के साथ ही यह प्रदेश वीरभूमि भी है। यहाँ लगभग प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य देश की रक्षा के लिए सेना में अपनी सेवाएँ देता है। इस प्रदेश की मातृशक्ति अद्भुत रूप से सशक्त एवं प्रेरणादायी है और यहाँ के युवा, किसान तथा समस्त समाज अत्यंत कर्मठ एवं मजबूत हैं। यही कारण है कि आज उत्तराखण्ड विकास के विभिन्न पायदानों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी् ने बाबा केदार के प्रांगण से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इसी विजन को साकार करते हुए हमें इस प्रदेश के विकास की गति को निरंतर आगे बढ़ाते हुए नई ऊँचाइयों तक ले जाना है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में मेरी मुख्य प्राथमिकताओं में संवैधानिक मूल्यों की सदैव रक्षा करना, पद की गरिमा बनाए रखना तथा राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण, रोजगार और जनकल्याण की योजनाओं को गति देना शामिल है। देवभूमि की शांति, सुरक्षा और समृद्धि ही हमारा परम ध्येय है। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, तीरथ सिंह रावत एवं विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, खजान दास, मदन कौशिक, सांसद राज्यलक्ष्मी शाह उपस्थित रहीं।
इसके साथ ही सांसद महेन्द्र भट्ट, सांसद नरेश बंसल, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, सविता कपूर, योग गुरु स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के प्रमुख स्वामी चिदानन्द जी महाराज, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के.के. शुक्ल सहित अन्य महानुभाव उपस्थित रहे।











